Saturday, 3 December 2011

ek raat ki kahani

एक रात की बात है .मई जब बंगलोर मई कुछ दिन यो कह लीजिये की लगभग दो बरसो तक रहा वह से आने के बाद मै कम्पुटर खरीदने  के लिए बैंक का चक्कर लगाने लगा एक बैंक के पर्वंधक ग्यन्देओ में मुझे कंप्यूटर देने का भरोसा दिया मै उसके पीछे दोरता चला गया उसने मुझे एक रेलवे का किराया का कमरा दिलवाने को कहा मै काफी कोशिश किया पर नहीं मिला सेष आगे दूसरा दिन पोस्ट लिखुगा मोटामोटी तौर पर यह एक चोदै की कहानी है 1